Updates

Hindi Urdu

राहुल गांधी सामने आकर कार्यकर्ताओं को मायूसी से निकालें: डॉ अयाज हाशमी

डॉ। हाशमी ने कहा कि पार्टी को ऊपर से नीचे तक सही करने का समय आ गया है। उन नेताओं से पूछा जाये जिन्हें जिम्मेदारी दी गई थी और वे पार्टी को सफलता नहीं दिला सके। डॉ। हाशमी ने कहा कि पार्टी की जिम्मेदारी उन लोगों को दी जानी चाहिए जो जमीनी स्तर पर पार्टी को मज़बूत कर सकें, और पार्टी में उन नेताओं को आगे बढ़ाने की जरूरत है जिनसे कार्यकर्ता आसानी से मिल सकें।

By: Watan Samachar Desk

नई दिल्ली, 17 जून (प्रेस विज्ञप्ति): कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ हकीम अयाज हाशमी ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मीडिया में यह खबर आई थी कि राहुल गांधी अध्यक्ष के रूप में काम करने के लिए मान गए हैं, लेकिन अभी भी पार्टी कार्यकर्ता आश्वस्त नहीं हैं कि क्या वे अध्यक्ष के रूप में काम करने के लिए तैयार हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में खुद पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को बयान देकर स्तिथि स्पष्ट करनी चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह पार्टी के लिए एक नाजुक समय है, लेकिन राहुल गांधी इस नाजुक घड़ी में पार्टी के लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पद छोड़ने से पार्टी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रिंयका गांधी ने पूरी तरह सही कहा है कि अगर राहुल पार्टी अध्यक्ष से अलग होते हैं तो वे भाजपा के जाल में फंस जाएंगे और भाजपा चाहती है कि पार्टी अध्यक्ष का पद राहुल छोड़ दें ताकि वह अपने मिशन में सफल हो।

 

 डॉ। हाशमी ने कहा कि पार्टी को ऊपर से नीचे तक सही करने का समय आ गया है। उन नेताओं से पूछा जाये जिन्हें जिम्मेदारी दी गई थी और वे पार्टी को सफलता नहीं दिला सके। डॉ। हाशमी ने कहा कि पार्टी की जिम्मेदारी उन लोगों को दी जानी चाहिए जो जमीनी स्तर पर पार्टी को मज़बूत कर सकें, और पार्टी में उन नेताओं को आगे बढ़ाने की जरूरत है जिनसे कार्यकर्ता आसानी से मिल सकें।

 

उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश यही होनी चाहिए कि पार्टी कैसे मजबूत हो। उन्होंने कहा कि दुख इस बात का है कि 125 साल पुरानी पार्टी को कल की पार्टी से सबक लेने की जरूरत है। डॉ। हाशमी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पैंतालीस डिग्री टम्परेचर में काम करते है, हमें भी ऐसे कार्यकर्ताओं को आगे लाना होगा। उन्होंने कहा, "हमें सोचना होगा कि राजीव गांधी के बाद आखिरकार कांग्रेस पार्टी 2009 को छोड़ कभी 200 के पार क्यों नहीं जा सकी और उसे 2009 में केवल 206 सीटों पर सब्र  करना पड़ा और उसे हमेशा केंद्र में सहयोगियों की जरूरत पड़ी।"

 

 उन्होंने कहा कि यह सोचने का समय है कि एक के बाद एक राज्य कांग्रेस पार्टी के हाथों से क्यों निकल रहा है। उन्होंने कहा कि आज बंगाल, बिहार, यूपी, दिल्ली, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश जैसे कई महत्वपूर्ण राज्य कांग्रेस के हाथ से निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों की कमान उन लोगों को दी जानी चाहिए जो राजनीतिक हों. AC कमरे में बैठे लोग जनता से दूर हैं और इसी वजह से पार्टी को नुकसान पहुँच रहा है।

You May Also Like

Notify me when new comments are added.

धर्म

ब्लॉग

अपनी बात

Poll

Should the visiting hours be shifted from the existing 10:00 am - 11:00 am to 3:00 pm - 4:00 pm on all working days?

SUBSCRIBE LATEST NEWS VIA EMAIL

Enter your email address to subscribe and receive notifications of latest News by email.