Updates

Hindi Urdu

कांग्रेस नेता ने पहले ट्वीट में पुछा PM की डिग्री और दुसरे में बताया लोकतंत्र खतरे में है

तारिक अनवर ने कहा है कि भारत के लोग यह जानना चाहते हैं कि टॉपर स्टूडेंट की डिग्री क्या है और उन्होंने किस यूनिवर्सिटी से एक्सीलेंस की डिग्री हासिल की है. ज्ञात रहे कि पिछले काफी दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर के विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया के कई पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जो डिग्री है वह सही नहीं है. वहीँ कुछ लोग नरेंद्र मोदी के समर्थन में भी हैं. इस को लेकर के अलग-अलग तरह के पोस्ट सामने आते रहे हैं, हालांकि इस ताल्लुक से अभी तक प्रधानमंत्री की ओर से कोई सफाई नहीं आई है.

By: मोहम्मद अहमद
फाइल फोटो

नयी दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने बैक टू बैक ट्वीट करते हुए भाजपा को घेरने की कोशिश की है. उन्होंने अपने पहले ट्वीट में सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंत्री अरुण जेटली पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि अरुण जेटली कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को एक नाकाम स्टूडेंट बता रहे हैं जबकि वह मोदी जी को एक टॉपर स्टूडेंट के खिताब से नवाज़ रहे हैं.

 

 तारिक अनवर ने कहा है कि भारत के लोग यह जानना चाहते हैं कि टॉपर स्टूडेंट की डिग्री क्या है और उन्होंने किस यूनिवर्सिटी से एक्सीलेंस की डिग्री हासिल की है. ज्ञात रहे कि पिछले काफी दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर के विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया के कई पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जो डिग्री है वह सही नहीं है. वहीँ कुछ लोग नरेंद्र मोदी के समर्थन में भी हैं. इस को लेकर के अलग-अलग तरह के पोस्ट सामने आते रहे हैं, हालांकि इस ताल्लुक से अभी तक प्रधानमंत्री की ओर से कोई सफाई नहीं आई है.

 

 वहीं तारिक अनवर ने अपने दूसरे ट्वीट में फिल्ममेकर और कलाकार अमोल पालेकर के भाषण को रोके जाने पर सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि एक कलाकार को सरकार पर कटाक्ष के लिए उस के भाषण को बीच में रोक देना यह बताता है कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था कहां खड़ी है. उन्होंने कहा है कि हमारी डेमोक्रेसी और हमारा लोकतंत्र खतरे में है और इसके लिए सीधे सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए.

 

ज्ञात रहे कि ऐक्टर बनने से पहले अमोल पालेकर थिएटर जगत में निर्देशक के रूप में स्थाई पहचान बना चुके थे। हिंदी फ़िल्मों में उन्होंने सन 1974 में बासु चटर्जी की फ़िल्म रजनीगंधा से कदम रखा।उनको शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान एक अजीब सी स्थिति का सामना करना पड़ा। नेशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट (एनजीएमए) कार्यक्रम की एक प्रदर्शनी के दौरान पालेकर पहले से तैयार भाषण लेकर आए थे, जिसमें वह सरकार, विशेष रूप से संस्कृति मंत्रालय की आलोचना कर रहे थे। कार्यक्रम के आयोजकों ने बार बार उन्हें टोका और कहा कि वे कार्यक्रम से संबंधित बातों पर ही बातचीत करें। इसके बाद पालेकर ने इसका विरोध जताते हुए कहा कि कोई कैसे मेरा भाषण रोक सकता है जिसके बाद पालेकर अधूरा भाषण छोड़कर बैठ गए।

You May Also Like

Notify me when new comments are added.

धर्म

ब्लॉग

अपनी बात

Poll

Should the visiting hours be shifted from the existing 10:00 am - 11:00 am to 3:00 pm - 4:00 pm on all working days?

SUBSCRIBE LATEST NEWS VIA EMAIL

Enter your email address to subscribe and receive notifications of latest News by email.