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Exclusive: तस्वीरें कर रही हैं इशारा, JNU में हुए हमले में ABVP के छात्रों का हाथ: NDTV

राइट विंग के छात्रों की तरफ से जेएनयू विश्वविद्यालय में लाठी डंडा चलाए जाने के दौरान किए गए कोडवर्ड के इस्तेमाल के इंकेशाफ के बाद अब एनडीटीवी ने एक और नया इंकेशाफ किया है. एनडीटीवी ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि तस्वीरें बता रही हैं कि जेएनयू में हुई हिंसा के पीछे एबीवीपी के छात्र शामिल थे. वतन समाचार इनकी पुष्टि नहीं करता है लेकिन अगर ऐसा है तो यह एक दुखद भी है और अफसोस भी, जिस के बारे में पूरे देश को विचार विमर्श करने की जरूरत है, क्योंकि अगर देश की छवि इसी तरह से पूरी दुनिया में धूमिल होती रही तो यह देश के लिए ठीक नहीं होगा और अगर शिक्षण संस्थानों में इस तरह के गुंडे घूमते रहे तो शिक्षा के मंदिर पर से दुनिया का विश्वास उठ जाएगा.

By: वतन समाचार डेस्क

Exclusive: तस्वीरें कर रही हैं इशारा, JNU में हुए हमले में ABVP के छात्रों का हाथ: NDTV

 

राइट विंग के छात्रों की तरफ से जेएनयू विश्वविद्यालय में लाठी डंडा चलाए जाने के दौरान किए गए कोडवर्ड के इस्तेमाल के इंकेशाफ के बाद अब एनडीटीवी ने एक और नया इंकेशाफ किया है. एनडीटीवी ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि तस्वीरें बता रही हैं कि जेएनयू में हुई हिंसा के पीछे एबीवीपी के छात्र शामिल थे. वतन समाचार इनकी पुष्टि नहीं करता है लेकिन अगर ऐसा है तो यह एक दुखद भी है और अफसोस भी, जिस के बारे में पूरे देश को विचार विमर्श करने की जरूरत है, क्योंकि अगर देश की छवि इसी तरह से पूरी दुनिया में धूमिल होती रही तो यह देश के लिए ठीक नहीं होगा और अगर शिक्षण संस्थानों में इस तरह के गुंडे घूमते रहे तो शिक्षा के मंदिर पर से दुनिया का विश्वास उठ जाएगा.

 

 अंतरराष्ट्रीय लेवल पर भारत के लिए यह खतरनाक भी होगा. सरकार को इस दिशा में शीघ्र ही गैर जानिबदार हो कर दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए सख्त फैसले लेने होंगे ताकि देश की छवि को धूमिल होने से बचाया जा सके. रिपोर्ट में कहा गया है कि जेएनयू में बाहर से घुसे नकाबपोशों को किसने बुलवाया?

 

वहां हुई हिंसा का ज़िम्मेदार कौन है? लेफ्ट और एबीवीपी के लोग इस मामले में एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन एनडीटीवी को कुछ तस्वीरें मिली हैं जिनमें एबीवीपी से जुड़े लोग भीड़ के साथ दिखाई पड़ रहे हैं. पहली तस्वीर नीचे है, जिसमें दांयी तरफ एक शख्स हाथ में डंडा लिए नजर आ रहा है. जानकारी के मुताबिक यह ABVP का विकास पटेल है जो JNU का छात्र रहा है. इसने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर भी यह परिचय लिखा है और दावा किया है कि वो जेएनयू की ABVP की एग्जिक्यूटिव कमेटी का सदस्य है.

 

पटेल के हाथ में ठीक वैसा ही डंडा है जैसा दिल्ली पुलिस को इस्तेमाल के लिए दिया जाता है. इसी तस्वीर के केंद्र में एक शख्स खड़ा है, जिसने नीले और पीले रंग की स्वेट शर्ट पहनी हुई है. इसका नाम शिव पूजन मंडल बताया जा रहा है जोकि बीए फर्स्ट इयर का छात्र है और ABVP से भी जुड़ा हुआ है. 

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विकास पटेल (दांयी तरफ) और शिव पूजन मंडल (बीच में) हाथों में डंडे लिए हुए

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एक अन्य तस्वीर में मंडल उन लोगों के हुजुम के साथ नजर आ रहा है जोकि लाठी-डंडों से लैस होकर जेएनयू कैंपस में दाखिल हो रहे थे.

हाथों में लाठियां लेकर जेएनयू कैंपस में दाखिल होते हुए लोग, इसमें मंडल की तरह एक शख्स नजर आ रहा है

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यहां भी मंडल हाथ में लाठी लेकर जेएनयू कैंपस की तरफ बढ़ता हुआ नजर आ रहा है

 

मंडल एक और वीडियो में नजर आया है, जो रविवार रात को कैमरे में कैद किया गया था. इस वीडियो में नकाबपोश बदमाश जेएनयू कैंपस से बाहर निकल रहे थे.

 

जानकारी के मुताबिक पटेल और मंडल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को डीलीट कर दिया है. पटेल का नंबर उस स्क्रीन शॉट में भी नजर आ रहा है, जोकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वायरल हो रहे व्हाट्सएप चैट में एबीवीपी के सदस्य जेएनयू कैंपस के भीतर लेफ्ट के छात्रों को सबक सिखाने की बात कहते हुए दिखाई दे रहे हैं.

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इस व्हाट्सएप चैट में ABVP सदस्यों के बीच बातचीत हो रही है

 

इस चैट में संस्कृत के छात्र योगेंद्र भारद्वाज और जेएनयू में पीएचडी के छात्र संदीप सिंह भी दिखाई दे रहे हैं. भारद्वाज ने भी अपना सोशल मीडिया अकाउंट डीलीट कर दिया है. लेकिन ट्विटर प्रोफाइल के कुछ स्क्रीन शॉट्स मिले हैं जहां वह खुद को एबीवीपी का सदस्य बता रहा है.

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हालांकि सोशल मीडिया पर संदीप का अकाउंट अभी भी एक्टिव नजर आ रहा है.

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संदीप सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट से यह तस्वीर ली गई

 

व्हाट्सएप की बातचीत में भारद्वाज लेफ्ट के आतंक को खत्म करने की बात कह रहा है और लिख रहा है कि अब इन्हें पीटा जाना चाहिए. यह तीनों जेएनयू के अंदर दाखिल होने के लिए एंट्री प्वाइंट पर चर्चा कर रहे हैं. हालांकि एबीवीपी जेएनयू में हुई हिंसा में अपनी भूमिका को सिरे से खारिज कर रही है. उनका कहना है कि जो व्हाट्सएप चैट वायरल हो रहा है उसके साथ छेड़छाड़ की गई है. एबीवीपी ने इस हमले के लिए वामपंथी रुझान वाले छात्रों को जिम्मेदार बताया है.

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