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क्या आत्मनिर्भर भारत पर कांग्रेस अपना कॉपीराइट ठोकेगी? जानिए पूरा सच

कोरोना प्रकोप के शुरूआती दिनों में मोदी सरकार ने नारा दिया जान है तो जहान है। उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी की सरकार की तरफ से कहा गया कि अब सरकार का यह फार्मूला होगा कि जान भी और जहान भी उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक और नारा दिया आत्मनिर्भर भारत का जिसके बाद बहुत सारे सवाल खड़े होने शुरू हो गए थे।

By: मोहम्मद अहमद
  • सब से पहले किसने की थी आत्मनिर्भरता की बात? जानिए आत्मनिर्भर भारत का पूरा सच।

 

कोरोना प्रकोप के शुरूआती दिनों में मोदी सरकार ने नारा दिया जान है तो जहान है। उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी की सरकार की तरफ से  कहा गया कि अब सरकार का यह फार्मूला होगा कि जान भी और जहान भी उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक और नारा दिया आत्मनिर्भर भारत का जिसके बाद बहुत सारे सवाल खड़े होने शुरू हो गए थे।

 

 

लोग यह सवाल कर रहे थे कि एक तरफ आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया जा रहा है और दूसरी तरफ हमारा पूरा डिजिटल इंडिया चाइना पर निर्भर है। लोगों ने यह भी प्रश्नचिन्ह खड़ा किया कि 1930 में गांधी जी ने विदेशी वस्तुओं की होली जलाई थी लेकिन आज विदेशी वस्तुओं का चलन ऐसा हो गया है कि हम विदेशी वस्तुओं पर ही निर्भर होकर रह गए हैं। ऐसे में आत्मनिर्भर का क्या माना है?

 

 

लेकिन अब आत्मनिर्भर भारत की खोज पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री डॉ शकील अहमद ने की है। उन्होंने ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए लिखा है कि " लगता है मोदी जी आत्मनिर्भर बनने के लिए नेहरू जी और इंदिरा जी के पुराने पुराने वीडियो देखकर लोगों से उसी का ज्ञान बांटते हैं "

 

 

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का एक वीडियो भी उन्होंने शेयर किया है जिसमें वह आत्मनिर्भर की बात कर रही हैं। वह वीडियो में कहते हुए सुनी जा रही है कि "यह जमाना है कि अगर आप चाहते हैं कि अपने पैर पर खड़े हो तो हमारा नारा है कि राष्ट्र आत्मनिर्भर हो, लेकिन राष्ट्र के माने क्या हैं? यह कोई जमीन नहीं है। लेकिन आप जैसे प्रत्येक नागरिक चाहे कहीं भी रहे आप में आत्मनिर्भरता जहां तक हो सके आये यह हमारी चेस्टा है। इस बयान को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल ने भी रिट्वीट किया है।

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