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सरकार चाहे तो दंगा 6 घंटे से ज़्यादा नहीं चल सकता: राजनाथ सिंह के हवाले से इलियास आज़मी का दावा

पिछले 72 घंटों से मुसलसल दिल्ली जलती रही यानी तीन दिन तक दिल्ली जलती रही, चौथे रोज भी सुबह-सुबह छिटपुट घटनाओं की खबर आई, लेकिन इस बीच आजादी और गुलामी दोनों को करीब से देखने वाले 90 वर्षीय पूर्व लोकसभा सांसद इलियास आजमी ने बड़ा बयान दिया है।

By: वतन समाचार डेस्क
  • सरकार चाहे तो दंगा 6 घंटे से ज़्यादा नहीं चल सकता: राजनाथ सिंह के हवाले से इलियास आज़मी का दावा 

 

पिछले 72 घंटों से मुसलसल दिल्ली जलती रही यानी तीन दिन तक दिल्ली जलती रही, चौथे रोज भी सुबह-सुबह छिटपुट घटनाओं की खबर आई, लेकिन इस बीच आजादी और गुलामी दोनों को करीब से देखने वाले 90 वर्षीय पूर्व लोकसभा सांसद इलियास आजमी ने बड़ा बयान दिया है।

 

 उन्होंने वतन समाचार से बातचीत में कहा है कि देश के पूर्व गृहमंत्री मौजूदा रक्षा मंत्री ने लगभग 10 साल पहले संसद में एक अहम बयान दिया था। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह ने संसद में कहा था कि "दंगा शुरू हो सकता है, इससे इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन 6 घंटों से ज़्यादा चल नहीं सकता है। अगर सरकारें चाहें तो दंगों को 6 घंटों में कंट्रोल किया जा सकता है।

 

 

 इसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि जब दिल्ली में जहां केंद्रीय गृह मंत्री हैं खुद प्रधानमंत्री हैं दिल्ली पुलिस कमिश्नर लेफ्टिनेंट गवर्नर दिल्ली सरकार तमाम सांसद दिल्ली के 70 विधायक लोकसभा और राज्यसभा के सांसद सेनाओं के हेड क्वार्टर भी मौजूद हैं उसके बाद दिल्ली में अगर 72 घंटे से भी लंबे समय से दंगा फसाद चलता रहा तो इसके पीछे कौन था?

 

 यह किसकी साजिश थी कि एक विदेशी मेहमान जिसकी मेजबानी में सरकार ने करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा दिए उसके होते हुए दिल्ली जलती रहे और सरकार की तरफ से कोई भी ऐसा कठोर कदम नहीं उठाया गया जिससे दंगा रोका जा सकता हो। क्योंकि खुद राजनाथ सिंह का बयान यह दर्शाता है कि अगर सरकारें चाहें तो दंगों को 6 घंटे में कंट्रोल किया जा सकता है।

 

 अब आप खुद समझदार हैं आप समझ गए होंगे कि दंगा किसके इशारे पर हुआ? किसने करवाया, क्योंकि हाईकोर्ट की तरफ से की गई टिप्पणी यह दर्शाती है कि मामला अत्यंत गंभीर है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि हम दूसरा 1984 नहीं देखना चाहते। यह बात समझ में आती है कि हालात कितने तनावपूर्ण और कितने भयावह हैं। वतन समाचार लोगों से अपील करता है कि वह शांति बनाए रखें। संयम का मुज़ाहिरा करें और किसी भी तरह से शांति भंग न होने दें और ना लोगों को शांति भंग करने दें इसी में देश का और सबका भला हैं।

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