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तो इस तरह गरीब किसान हार गया और अमीर जीत गया

एक तरफ करोना की मार और दूसरी तरफ महंगाई की मार ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है। ऐसे समय में जबकि जनता को इस बात की अपेक्षा थी कि सरकार जनता के हितों में कुछ ऐतिहासिक फैसले लेगी और उन्हें कुछ राहत की सांस के लिए कैश की शक्ल में राहत देकर उनको जीने का सामान मुहैया करेगी, उस समय में डीजल की कीमत पेट्रोल की कीमत से ज्यादा हो जाना यह दर्शाता है कि सरकार को आम आदमी के हितों की कोई फ़िक्र नहीं है और सरकार सिर्फ पूजी पतियों के लिए काम कर रही है।

By: वतन समाचार डेस्क
  • तो इस तरह गरीब किसान हार गया और अमीर जीत गया 

एक तरफ करोना की मार और दूसरी तरफ महंगाई की मार ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है। ऐसे समय में जबकि जनता को इस बात की अपेक्षा थी कि सरकार जनता के हितों में कुछ ऐतिहासिक फैसले लेगी और उन्हें कुछ राहत की सांस के लिए कैश की शक्ल में राहत देकर उनको जीने का सामान मुहैया करेगी, उस समय में डीजल की कीमत पेट्रोल की कीमत से ज्यादा हो जाना यह दर्शाता है कि सरकार को आम आदमी के हितों की कोई फ़िक्र नहीं है और सरकार सिर्फ पूजी पतियों के लिए काम कर रही है। 

गरीब मजदूर किसान जो पेट्रोल से ज्यादा डीजल पर निर्भर हैं सरकार को उन की किसी तरह की कोई चिंता नहीं है। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री डॉक्टर शकील अहमद ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए एक पोस्टर शेयर किया है, जिसमें लिखा हुआ है कि "बहुत हुई जनता पर पेट्रोल डीजल की मार - अबकी बार मोदी सरकार" उन्होंने लिखा है कि क्या आपको यह पोस्टर याद है। डॉक्टर शकील अहमद ने अपने ट्वीट में लिखा है कि " मोदी सरकार, चाहे महंगाई हो, आतंकवाद हो, भ्रष्टाचार हो, देश की सीमाओं की सुरक्षा हो, रोज़गार हो या किसानो की मदद हो, सभी मोर्चों पर विफल साबित हुई है। कच्चे तेल के लगातार सस्ता होने के बाद भी आज डीज़ल पहली बार पेट्रोल से महँगा हुआ और 80 रुपये /लीटर से अधिक हो गया।" जो शर्मनाक है।

"दिल्ली में, प्रति लीटर डीजल की कीमत प्रति लीटर पेट्रोल से अधिक है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें आज दिल्ली में क्रमशः 79.76 रुपये / लीटर (कोई वृद्धि नहीं) और 79.88 रुपये / लीटर (0.48 रुपये की वृद्धि) हैं। "

 
ज्ञात रहे कि इन दिनों सोशल मीडिया पर बहुत सारे ऐसे वीडियोज़ वायरल हो रहे हैं जिसमें भारतीय जनता पार्टी के नेता केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से लेकर प्रकाश जावेडकर तक जो पेट्रोल और डीजल को लेकर के मनमोहन सरकार को निशाने पर ले रहे थे लेकिन अब पूरी सरकार में खामोशी है। देखना यह है कि सरकार की ओर से इस ट्वीट के बाद क्या रिएक्शन आता है। 

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