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मोदी जी कहते हैं, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कांग्रेस पार्टी कहती है...

फिर एक और बहुत गंभीर प्रकरण हमारे सामने आया जब ग्रीस लगी नंबर प्लेट वाले ट्रक ने बहुत ही रहस्यमयी तरीके से पीड़िता की कार को टक्कर मारी एक और परिवार जन को उसे खोना पड़ा और तब एक बहुत ही ह्रदय विदारक पत्र heart wrenching letter written to the Chief Justice of India, उसका संज्ञान लिया गया और तब कहीं जाकर न्याय मिलने की शुरुआत हुई, बहुत खुश हूँ महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री सुष्मिता देव जी ने इसी मंच से बैठकर उस मसले पर पूरी एक प्रेस वार्ता की थी। जो न्याय मिलने की शुरुआत हुई कि 45 दिन में जल्द से जल्द सुनवाई होकर खत्म हो, 25 लाख का मुआवजा मिले और दिल्ली केस ट्रांस्फर हो, हम बहुत खुश हुए लेकिन इस पूरे प्रकरण में जो तस्वीर सामने आई वो तस्वीर किसकी थी, वो भाजपा की योगी सरकार और मोदी सरकार के महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचारों पर जो संवेदन-शून्यता है, उसकी तस्वीर सामने उजागर होकर आई।

By: वतन समाचार डेस्क
फाइल फोटो

सुश्री रागिनी नायक ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि नमस्कार, आज की प्रेस वार्ता में आप सभी लोगों का स्वागत है और आज की प्रेसवार्ता की शुरुआत मैं देश की बहादुर बेटियों के नाम कुछ पंक्तियाँ कहकर, उनके नाम कुछ पंक्तियाँ समर्पित करके करना चाहूँगी। मोदी जी कहते हैं, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कांग्रेस पार्टी कहती है,

 

“पढ़ रही हैं बेटियाँ और लड़ रही हैं बेटियाँ,

 

अपना हर वजूद खुद गढ़ रही हैं बेटियाँ,

 

इस अंधेरी रात में जब तलक न भोर हो,

 

दीप बनकर स्वयं जल रही हैं बेटियाँ”

 

 

 

कांग्रेस पार्टी सलाम करती है  इस देश की साहसी, बहादुर बेटियों को, उनके जज्बे को जो आज इन प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपने वजूद, अपने अस्तित्व, अपनी अस्मित और अपने अधिकारों की लड़ाई खुद लड रही हैं या ये कहूँ उन्हें लड़ना पड़ रहा है और खासतौर से भाजपा की सरकारों और उनके जुल्म के खिलाफ लोहा लेकर लड़ना पड़ रहा है। इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है कि मोदी सरकार और योगी सरकार को अपनी रक्षा की जिम्मेदारी, अपने संरक्षण की जिम्मेदारी जिस जनता ने दी थी, उसी जनता के भक्षकों का संरक्षण करने के लिए सीना ठोककर ये सरकारें पहली पंक्ति में, पहली कतार में खड़ी हुई हैं। निहाल चंद से लेकर चिन्मयानंद तक एक बहुत लंबी फेहरिस्त है और बहुत लंबी दास्तान है जो की भाजपा की सरकारें लिख रही हैं महिला विरोध में, महिलाओं के अधिकारों को दबाते हुए और महिलाओं की सुरक्षा, उनके सशक्तिकरण का मखौल उड़ाते हुए।

 

मैं समझती हुँ कि पूरे दो साल तक इस देश ने, इस देश में मानवता के हित में सोचने वाले हर व्यक्ति ने तमाशा देखा, वो उन्नाव के बलात्कार कि घृणित घटना और अपराधियों को बचाने का तमाशा था और उस तमाशे की हर एक घटना के साथ हम भली-भाँति वाकिफ हैं। साथियों पर मैं वो दोहराना चाहूँगा, इतिहास को याद रखना चाहिए ताकि वो दोहराया न जाए पर विडंबना ये है कि उत्तर प्रदेश में अपराधिक इतिहास लगातार दोहराया जा रहा है, अंग्रेजी में कहते हैं कि History repeat itself और it is the blatant Example of criminal history, being repeated, can be seen in the largest state of this country, which is ruled by the BJP. तो आपको याद होगा कि 16 साल की बिटिया थी उन्नाव की, जिसके साथ बलात्कार होता है, वो दर-दर की ठोकरें खाती है, अपनी गुहार लेकर जाती है, उसकी चीत्कार, उसकी गुहार बहरी योगी सरकार को सुनाई नहीं देती और अत्याचार की सीमा तो देखिए कि उसके पिता को हवालात में बंद करके पीट-पीटकर मार दिया जाता है, इस बच्ची का इतना शोषण होता है कि उसे आत्मदाह करने की कोशिश करनी पड़ती है और अन्ततः अगर आरोपी जेल में बंद हुए, तो साक्षी महाराज उन्हें सांत्वना देने पहुँच गए, ये भी आपको याद रखना चाहिए।

 

फिर एक और बहुत गंभीर प्रकरण हमारे सामने आया जब ग्रीस लगी नंबर प्लेट वाले ट्रक ने बहुत ही रहस्यमयी तरीके से पीड़िता की कार को टक्कर मारी एक और परिवार जन को उसे खोना पड़ा और तब एक बहुत ही ह्रदय विदारक पत्र heart wrenching letter written to the Chief Justice of India, उसका संज्ञान लिया गया और तब कहीं जाकर न्याय मिलने की शुरुआत हुई, बहुत खुश हूँ महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री सुष्मिता देव जी ने इसी मंच से बैठकर उस मसले पर पूरी एक प्रेस वार्ता की थी। जो न्याय मिलने की शुरुआत हुई कि 45 दिन में जल्द से जल्द सुनवाई होकर खत्म हो, 25 लाख का मुआवजा मिले और दिल्ली केस ट्रांस्फर हो, हम बहुत खुश हुए लेकिन इस पूरे प्रकरण में जो तस्वीर सामने आई वो तस्वीर किसकी थी, वो भाजपा की योगी सरकार और मोदी सरकार के महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचारों पर जो संवेदन-शून्यता है, उसकी तस्वीर सामने उजागर होकर आई।

 

महिला विरोधी मानसिकता, सत्ता का दुरुपयोग और अपराधियों के साथ संलिप्तता की जो तस्वीर है वो सामने आई और आज जो मुख्य मसला मैं सामने लेकर आई हूँ, उसके लिए ये भूमिका बनाना बहुत ज्यादा जरुरी था। तो शुरुआत मैं करती हूँ चिन्मयानंद के खिलाफ शाहजहाँ  पुर की छात्रा ने जो बयान दिया है, उसे मीडिया के सामने आना पड़ा और बताना पड़ा कि कितनी पीड़ा, कितनी व्यथा से वो गुजर रही है। एक आम भारतीय के जो अधिकार हैं, उन अधिकारों से उसे वंचित रखा गया है, एक पीड़िता जब खुद सामने आकर कहती है कि मेरे साथ बलात्कार हुआ और सिर्फ बलात्कार नहीं शारीरिक शोषण हुआ पूरे एक साल तक और एफआईआर लौज नहीं की जाती, आप देखिए, आप एक बार सुनिए, हम कोशिश कर रहे थे कि बड़ी स्क्रीन पर चले वो मुमकिन नहीं हो पाया है पर दो मिनट मैं आपके लूँगी एक बार मैं चाहती हूँ कि सब लोग देखें ये पीड़िता क्या कह रही है।

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