रणदीप सिंह सुरजेवाला, मीडिया प्रभारी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का बयानः-
मोदी सरकार ने भारत के स्वतंत्रता सेनानियों और इतिहास पुरुषों के खिलाफ़ एक छद्म युद्ध छेड़ रखा है ।
17 मई, 2019: रोज़ नया मुखौटा लगाकर एक मोदी अनुयायी आता है और भारत की आत्मा 'महात्मा' को अपमानित कर जाता है। यह एक प्रकार से भारत की अस्मिता के खिलाफ़ मोदी सरकार का गुरिल्ला युद्ध है।
मोदी जी ने गोड़से के हिंसक मुखौटे को गाँधी के चश्मे से ढकने की लाख कोशिश की मगर महात्मा गाँधी कहते थे, "मैं यह मानता हूँ और मेरा यह अनेक बार का अनुभव है कि कोई व्यक्ति अपने आप को कितना भी योग्य क्यों न कहे ,उसके गुप्त अनीतिपूर्ण कृत्य एक दिन उजागर हो ही जाते हैं"।
महात्मा गाँधी जी के उक्त विचार लगता है मोदी- शाह की जोड़ी के लिए ही कहे गए हों।
मोदी - शाह की जोड़ी प्रचार में गाँधी और विचार में गोड़सेवादी है। गोड़से ने 1948 में महात्मा जी की हत्या की मगर 2014 से 2019 तक मोदी जी के कट्टर समर्थकों और अनुयाईयों ने गोड़से को राष्ट्र भक्त बताकर भारत की आत्मा की कई बार हत्या की है, कभी साक्षी, कभी प्रज्ञा, तो कभी हेगड़े बनकर।
साक्षी महाराज को तो पुनः भाजपा का लोकसभा टिकट दिया ही, इसीलिए दिया गया कि उन्होंने गोड़से का महिमामंडन किया था।
अब मोदी सरकार के मंत्री, अनंत कुमार हेगड़े ने गोडसे की वकालत कर प्रज्ञा ठाकुर व भाजपाई विचारधारा का अनुमोदन कर दिया। आज ही अनिल सौमित्र, मीडिया प्रभारी, भाजपा मध्यप्रदेश ने तो एक और हद पार कर डाली व महात्मा गांधी को पाकिस्तान का राष्ट्रपिता बता दिया। नलीन कटील ने तो और हदें लाँघ दी।
भाजपा सही मायने में हिंसा और हिंसक मनोवृति का प्रतिनिधित्व करती है और अहिंसक भारत के मूल विचारों के खिलाफ बना राजनैतिक संगठन है ।
इन्हीं ताकतों ने सत्ता न मिलने की कुंठा को नफरत की तरह पाला और अंततः महात्मा गांधी के रूप में भारत की आवाज और आत्मा की हत्या कर दी गई।
क्या यही भाजपा का राष्ट्रवाद है?
क्या स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान भाजपा की असली जीवनशैली है?
मोदीजी-अमित शाह जी देश से माफ़ी क्यों नहीं माँग रहे?
प्रज्ञा ठाकुर की उम्मीदवारी वापिस क्यों नहीं ले रहे?
अनंत हेगड़े को मंत्री पद से बर्खास्त कर बाहर का रास्ता क्यों नहीं दिखा रहे?
अनिल सौमित्र व नलीन कटील को भाजपा से बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे?
घड़ियाल आँसु बहाना बंद करें। देश जानता है की ये सब मोदी-शाह जी करवा रहें हैं।
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