लखनऊ से तौसीफ़ क़ुरैशी
करोड़ों रूपयों के लेन-देन में फँसे दो नेताओं के मामले में आया नया मोड़।इस मामले में एक नेता एवं रंगदारी के आरोपी के पत्र ने ला दिया ऐसा नया मोड़ कि दोनों ही नेताओं के लिए जेल का रास्ता बस कुछ क़दमों की दूरी पर ही रह गया है,दोनों को ही जाना होगा जेल।
आसाम एडीयूएफ़ के अध्यक्ष एवं सांसद व दारूल उलूम मजलिस-ए-शूरा के सदस्य बदरूद्दीन अजमल व देवबन्द के पूर्व विधायक,सपा कंपनी के वरिष्ठ नेता माविया अली के बीच चला आ रहा ज़मीनी विवाद में माविया अली की एक तहरीर ने दिल्ली पुलिस की व बदरूद्दीन की मुसीबतें बढ़ा दी।साऊथ एवन्यू क्षेत्र के थाने में रंगदारी का जो मुक़दमा एडीयूएफ के सांसद मौलाना बदरूद्दीन अजमल के सीए ने दर्ज कराया था जिसमें माविया अली को ज़मानत मिल गई थी अब उसकी जाँच कर रही दिल्ली पुलिस के जाँच अधिकारी को माविया ने तीन पेज का पत्र दिया है जिसके बाद इस पूरे मामले ने दूसरा रूप ले लिया है उसमें पूर्व विधायक माविया अली ने साफ़-साफ़ स्वीकार किया है कि हा मैंने एडीयूएफ के सांसद मौलाना बदरूद्दीन अजमल व मेरे बीच एक ज़मीन का सोदा हुआ था जिसकी क़ीमत पाँच करोड़ पिचत्तर लाख रूपये में लेने की बात स्वीकार कर यह साबित कर दिया है कि पिछले दिनों अख़बारों में छपी ख़बरें सही थी जिसमें दोनों के बीच हवाले के ज़रिये ख़रीद-फ़रोख़्त किए जाने ख़बरें प्रकाशित की गई थी लेकिन मौलाना बदरूद्दीन अजमल ने हवाले से कोई पैसा लेने की बात से इंकार कर पुलिस व आम लोगों को गुमराह कर रहे है या सच बोल रहे है यह जाँच के उपरांत ही साफ़ हो पाएगा।
माविया अली का यह पत्र हमारे सूत्रों ने हासिल कर हमें भिजवाया जिसके पढ़ने के बाद ऐसा लगता है कि इस पत्र से पूरा मामला ही बदल जाएगा और दिल्ली पुलिस के आईओ चाह कर भी बदरूद्दीन अजमल या माविया अली की मदद नही कर सकते क्यों कि यह पत्र जाँच में शामिल होते ही यह मामला एंडी के अंडर चला जाएगा अब यह मामला आय से अधिक सम्पत्ति का हो जाएगा दिल्ली पुलिस इस मामले में कुछ नही कर पाएगी क्योंकि रंगदारी के माँगने का कोई सबूत अभी तक दिल्ली पुलिस नही जुटा पायी है न ही बदरूद्दीन कोई सबूत दे पाए,जिस कारण दिल्ली पुलिस के लिए इस मामले में एफ़आर लगानी मजबूरी हो जाएगी और साथ ही यह मामला आय से अधिक सम्पत्ति का होने की वजह से एंडी के हवाले किया जा सकता है जिसमें दोनों ही लोगों को जेल जाना पड़ सकता है.
इस सूरत में यह कहा जा सकता है कि पूर्व विधायक का तीन पेज का पत्र दोनों के जेल जाने का कारण बनेगा।उस पत्र में माविया अली ने जो ख़ुलासे किए है मौलाना बदरूद्दीन अजमल व माविया अली को काफ़ी दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा साथ ही माविया अली भी मुसीबतों के पहाड़ों के नीचे से होकर गुज़रेंगे जो पत्र हमारे हाथ लगा है उसमें पूरी जानकारी विस्तार से दी गई है कि कैसे ज़मीन के सोदे की रक़म कहाँ-कहाँ अदा की गई पत्र के मुताबिक़ दुबई में भी करोड़ों रूपये हवाले के ज़रिए पहुँचाए गए है जिसको मानने से मौलाना बदरूद्दीन अजमल इंकार कर रहे है पत्र में मौलाना के बेटे अब्दुल्ला अजमल का भी ज़िक्र किया गया है कि रकम की अदायगी पर मेरे बेटे को बता देना को भी दर्शाया गया है इन सब बातों से यह साफ़ हो रहा है कि दाल में कुछ तो काला है इस काले सफ़ेद की वजह से ही दोनों के जेल जाने की दूरी कुछ ही क़दमों पर रह जाती है।क्या इस पूरे मामले में बीच के लोगों ने कोई सकारात्मक भूमिका नही निभाई जो यह मामला इतना विकराल रूप लेता जा रहा है अब यह मामला ऐसा रूप ले चुका है कि यह बात अब तो खुल ही जाएगी।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति वतन समाचार उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार वतन समाचार के नहीं हैं, तथा वतन समाचार उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.
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