राहुल गांधी ने पत्रकारों को किया संबोधित
06 अक्टूबर, 2021
राहुल गांधी ने पत्रकारों को किया संबोधित करते हुए कहा कि अब कुछ समय से हिंदुस्तान के किसानों पर सरकार का आक्रमण हो रहा है। एक तो किसानों को जीप के नीचे कुचला जा रहा है, उनका मर्डर किया जा रहा है, बीजेपी के होम मिनिस्टर की बात हो रही है, उनके पुत्र की बात हो रही है। उन पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है।
दूसरी तरफ पूरे देश के किसानों पर सिस्टमैटिक्ली एक के बाद एक आक्रमण हो रहा है। पहला आक्रमण- लैंड एक्विजिशन बिल को रिवर्स करने का। दूसरा- ये जो तीन नए काले कानून लाए हैं और आज जो किसानों का है, उनसे सिस्टमैटिक्ली छीना जा रहा है और ये चोरी सबके सामने हो रही है। इसलिए देश के किसान दिल्ली के बाहर बैठे हैं।
कल प्रधानमंत्री जी लखनऊ में थे, मगर प्रधानमंत्री जी लखीमपुर खीरी नहीं जा पाए। पोस्टमार्टम ठीक से नहीं किया जा रहा है और सिस्टमैटिक्ली जो भी कुछ कहे, उसको बंद किया जा रहा है।
आज दो चीफ मिनिस्टर के साथ हम लखनऊ जाने की कोशिश करेंगे। लखीमपुर खीरी जाने की कोशिश करेंगे, उन परिवारों से मिलने की कोशिश करेंगे।
एक अन्य प्रश्न पर कि आज आप लोग लखीमपुर खीरी जा रहे हैं, क्या आपको जाने देंगे? श्री राहुल गांधी ने कहा कि हमने उसके बारे में चिट्ठी लिखी है। हम तीन लोग जा रहे हैं। सेक्शन- 144 पांच लोगों को रोकता है, तीन लोग सेक्शन- 144 में जा सकते हैं। हमने उनको चिट्ठी लिख दी है। ये जो यूपी में हो रहा है, किसानों को मारा जा रहा है। मगर इससे पहले हाथरस में भी हुआ था और उनके एक एम.एल.ए ने रेप भी किया था। उत्तर प्रदेश में ये एक नई तरीके की राजनीति हो रही है। क्रिमिनल जो भी करना चाहते हैं, कर सकते हैं, चाहे वो बलात्कार हो, किसानों का खून हो और जो मारते हैं, जो रेप करते हैं, वो जेल के बाहर होते हैं और जो मरते हैं, वो जेल के अंदर जाते हैं।
एक अन्य प्रश्न पर कि प्रियंका गांधी जी को गिरफ्तार करके रखा हुआ है, उनको लखीमपुर खीरी क्यों नहीं जाने दिया जा रहा है, जबकि कुछ अन्य पार्टियों को जाने दिया गया, राहुल गांधी ने कहा कि मतलब, हम वहाँ जाकर देखना चाहते हैं, समझना चाहते हैं, परिवार को सपोर्ट देना चाहते हैं। सिर्फ हमें रोका जा रहा है, बाकी पार्टियों को जाने दे रहे हैं। हमने क्या गलती की है और जहाँ तक प्रियंका की बात है, ठीक है प्रियंका को बंद किया है, मगर प्राथमिकता किसानों के मुद्दे की है।
एक अन्य प्रश्न पर कि कल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को जाने से रोक दिया गया था, आज आप लोग जा रहे हैं। आप लोग आरोप लगा रहे हैं कि सरकार साजिश रच रही है और बीजेपी विपक्ष पर आरोप लगा रही है कि आप लोग राजनीति कर रहे हैं? राहुल गांधी ने कहा कि ये मैं आपको थोड़ा सा समझा देता हूं। जैसे आपने अभी बोला कि ये राजनीति हो रही है। देखिए, हमारा काम, अपोजीशन का काम प्रेशर बनाने का होता है। जब हम प्रेशर बनाते हैं, तब वहाँ पर कार्रवाई होती है। हाथरस में हमने प्रेशर बनाया, तब जाकर कार्रवाई हुई। सरकार चाहती है कि हम इस मुद्दे को ना उठाएं, प्रेशर ना बनाएं ताकि जिन्होंने मर्डर किया, वो भाग कर निकल जाएं। अगर हाथरस में हम गए नहीं होते, वहाँ पर जिन्होंने बलात्कार किया था, वो सब स्कॉट फ्री (बचकर) निकल जाते। अगर हमने उससे पहले उनके एमएलए के बारे में नहीं बोला होता, वो भाग कर निकल जाते। तो इसलिए हम दबाव डाल रहे हैं। हम दबाव क्यों डाल रहे हैं, क्योंकि किसानों के साथ गलत काम किया गया है। उनको मारा गया है और सचमुच बताऊं तो यह आपका काम है। आप लोग तो करते नहीं हो, जो आपकी जिम्मेदारी है, उसको तो आप निभाते नहीं हो, उल्टा आप सवाल पूछते हो कि पॉलिटिक्स हो रही है। आपकी जिम्मेदारी भी है, उसको तो आप भूल गए और फिर आप हमें कहते हो।
एक अऩ्य प्रश्न पर कि आप लोग लखनऊ जाने वाले हैं, सवाल ये है कि केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री कहते हैं कि सुधर जाओ, वरना सुधार देंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कहते हैं कि लाठी मारो, जेल जाओ और नेता बनो, सुप्रीम कोर्ट ने भी किसानों को लेकर मंशा को स्पष्ट किया है, तो कृषि प्रधान देश में किसानों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है? राहुल गांधी ने कहा कि क्योंकि देश का जो ढांचा है, जो इंस्टीट्यूशनल स्ट्रक्चर है, उसको बीजेपी – आर.एस.एस. ने काबू कर लिया है और ये सिर्फ मीडिया की बात नहीं है। आप जानते हो मीडिया को किस प्रकार से कंट्रोल किया जाता है। इसी प्रकार से हिंदुस्तान के सब इंस्टीट्यूशन्स को कंट्रोल किया गया है। सिंपल सा जवाब है।
देखिए, यहाँ पर जो डेमोक्रेसी हुआ करती थी, आज हिंदुस्तान में डिक्टेटरशिप है। राजनेता उत्तर प्रदेश में नहीं जा सकते। कल से हमें कहा जा रहा है कि आप उत्तर प्रदेश नहीं जा सकते। छत्तीसगढ़ के चीफ मिनिस्टर जाते हैं, किसानों से मिलने जाते हैं, उनको कहा जाता है कि सेक्शन- 144 है। इन्होंने कहा (श्री भूपेश बघेल की तरफ इशारा करते हुए) मैं तो अकेला हूं, सेक्शन- 144 कैसे लागू होगा? कोई जवाब नहीं। अब डिक्टेटरशिप किस बात की है, क्यों डिक्टेटरशिप? क्योंकि भयंकर चोरी हो रही है, जो स्मॉल- मीडियम बिजनेस हैं, छोटे व्यापारी हैं, उनसे चोरी हो रही है, किसान हैं, उनसे चोरी हो रही है और जो आम जनता है, उनकी जेब में से चोरी हो रही है। पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ते जाते हैं और जो हिंदुस्तान की आवाज है, उसको कुचला जा रहा है।
एक अन्य प्रश्न पर कि जिस तरह से लखीमपुर खीरी जाने से रोकने के लिए प्रियंका गांधी को गिरफ्तार किया गया, उनको मैंनहैंडल किया गया है, उसको किस तरह से देखते हैं, गांधी ने कहा कि चाहे प्रियंका हो, चाहे मैं हूँ, चाहे हमारी फैमिली का कोई भी हो, मैनहैंडलिंग से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, कुछ फर्क नहीं पड़ता। हमारे से आप कुछ भी कर लीजिए, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हम किसानों की बात कर रहे हैं। हमें बंद कर दीजिए, मैंनहैंडल कर दीजिए, मार दीजिए, गाढ़ दीजिए, कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारी ये ट्रेनिंग है, सालों पुरानी ट्रेनिंग है। यह मूल्य हमें, हमारे परिवार से मिले हैं, इसलिए उससे कुछ फर्क नहीं पड़ेगा।
एक अन्य प्रश्न पर कि इस केस की जांच एक रिटायर्ड जज की देखरेख में करवाने की बात कही जा रही है, क्या आप विपक्ष के नेता होने के नाते उससे संतुष्ट हैं, गांधी ने कहा कि सबसे पहले मैं वहाँ जाकर बात समझना चाहता हूँ, ग्राउंड रियलिटी क्या है, क्योंकि ग्राउंड रियलिटी सचमुच में ग्राउंड रियलिटी, अभी तक किसी को नहीं मालूम, सबसे पहले हम वो जाकर समझना चाहते हैं, इसलिए हम लखनऊ और लखीमपुर खीरी जा रहे हैं।
एक अन्य प्रश्न पर कि एक महत्वपूर्ण वीडियो सामने आ गया है, जिसमें किसानों पर जीप चढ़ाई जा रही है, प्रधानमंत्री ने लखनऊ गए, पर एक शब्द भी नहीं बोला, दोषियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, तो इन हालातों में क्या आपको उम्मीद है कि इस केस में कोई कार्यवाही होगी, गांधी ने कहा कि उम्मीद क्या, हम प्रेशर डालेंगे। प्रेशर के बिना तो कुछ नहीं होगा, मगर प्रेशर डालेंगे, कोशिश करेंगे। लेकिन ये देखिए, आप सवाल जो पूछ रहे हैं, ये रिडिकुलस सवाल है। क्योंकि डेमोक्रेसी में ऐसा सवाल उठना ही नहीं चाहिए, कि आप कह रहे हो कि देखो भाई, वहाँ पर किसी ने 6 लोगों को कुचल दिया, प्रधानमंत्री जी जा रहे हैं और आप मुझसे पूछ रहे हो कि जिस व्यक्ति के बेटे ने किया, उस पर कार्यवाही होगी। ये डिक्टेटरशिप में ही सवाल पूछा जाता है, डेमोक्रेसी में ऐसा सवाल नहीं पूछा जा सकता।
एक अन्य प्रश्न पर कि आपके साथ-साथ सभी पार्टी के नेताओं को लखीमपुर खीरी जाने से रोक दिया गया है, क्या कहेंगे, गांधी ने कहा कि नहीं, सबको नहीं रोका गया। दो पार्टियाँ कल गईं थी, टीएमसी और भीम आर्मी।
एक अन्य प्रश्न पर कि क्या अन्य पार्टियों के साथ कोई ज्वाइंट फ्रंट बनाने की बात है ताकि सरकार जिस तरह से किसानों के साथ पेश आ रही है, उनके साथ मिल-जुलकर अन्य पार्टियाँ लडें, तो क्या आप पार्लियामेंट के अंदर भी अपोजीशन से बात करेंगे, गांधी ने कहा कि देखिए, जैसे मैंने आपको बोला, अपोजीशन यूनिटी बहुत अच्छी चीज है, होनी चाहिए, मगर, ये जो प्रेस कांफ्रेंस है, ये किसानों के लिए की गई है। हम डिस्ट्रैक्ट नहीं करना चाहते। जिन लोगों को वहाँ मारा गया है, उनकी हम इज्जत रखना चाहते हैं और यहाँ पर सिर्फ उन्हीं की बात करना चाहते हैं।
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